
गांधीनगर। गुजरात में संभावित अल-नीनो प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जल संसाधन, कृषि, सिंचाई, नर्मदा, वन एवं राजस्व विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में राज्य के नागरिकों, किसानों और पशुधन को किसी भी संभावित संकट से सुरक्षित रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक के बाद जानकारी देते हुए कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा अल-नीनो की संभावना जताए जाने के बाद राज्य सरकार ने सभी विभागों के साथ मिलकर माइक्रो प्लानिंग तैयार की है। मुख्यमंत्री ने राज्य में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नर्मदा जल नेटवर्क का अधिक प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए नर्मदा पाइपलाइन से तालाब भरने की सीमा 3 किलोमीटर से बढ़ाकर 7 किलोमीटर कर दी है। इस फैसले के तहत अब पाइपलाइन से 7 किलोमीटर तक के क्षेत्र में आने वाले तालाबों को भी नर्मदा के पानी से भरा जाएगा। इसके अलावा सुजलाम सुफलाम योजना के माध्यम से उत्तर गुजरात के 300 से अधिक तालाबों को भरने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, सौराष्ट्र क्षेत्र के पेयजल डेमों में भी जल्द पानी भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कृषि क्षेत्र की तैयारियों को लेकर मंत्री ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज और उर्वरक उपलब्ध हैं। किसानों को कम पानी में होने वाली फसलों और वैकल्पिक खेती के बारे में वैज्ञानिक सलाह देने के लिए आकस्मिक फसल योजना तैयार की गई है। कृषि विभाग सैटेलाइट तकनीक के जरिए मिट्टी की नमी और फसलों की स्थिति पर नजर रख रहा है।
सरकार की एआई आधारित ‘कृषि प्रगति’ प्रणाली के माध्यम से 50 लाख से अधिक किसानों को मोबाइल पर मौसम और खेती संबंधी सलाह भेजी जा रही है। पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन एवं पशुपालन विभाग को चारे की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में राज्य के पास लगभग दो वर्षों तक पर्याप्त रहने वाला चारा भंडार उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग और जिला प्रशासन को 24 घंटे स्थिति पर नजर रखने तथा किसी भी आपात परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि अल-नीनो का हर वर्ष सूखा या कम वर्षा वाला नहीं होता। वर्ष 2006 और 2023 में भी तीव्र अल-नीनो के बावजूद गुजरात में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी।
राज्य सरकार ने किसानों और नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि गुजरात सरकार हर परिस्थिति में किसानों और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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