
अमरेली जिले के खांभा तालुका के त्राकुड़ा गांव में आचार्य देवव्रत दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत ‘बोरसली’ का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
राज्यपाल ने ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि जहां स्वच्छता होती है, वहीं प्रभु का निवास होता है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस संदेश को आत्मसात करने और स्वच्छाग्रही बनने का आग्रह किया। साथ ही गांव के युवाओं और स्वयंसेवकों के साथ संवाद कर स्थायी रूप से स्वच्छता बनाए रखने की प्रेरणा दी।

राज्यपाल ने इस अवसर पर महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए।
इस दौरे के दौरान त्राकुड़ा गांव के प्रमुख उद्योगपति राकेशभाई दुधात परिवार, जिला कलेक्टर विकल्प भारद्वाज और जिला पुलिस प्रमुख संजय खरात सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने राज्यपाल का स्वागत किया।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत त्राकुड़ा गांव में शिव मंदिर मूर्ति प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव और ‘प्राकृतिक कृषि संवाद सम्मेलन’ में भाग लेने के लिए भी पहुंचे, जहां उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय है कि ‘बोरसली’ का वृक्ष अपने सुगंधित फूलों, औषधीय गुणों और मजबूत लकड़ी के लिए जाना जाता है। यह दंत स्वास्थ्य, खांसी और हृदय रोगों में लाभकारी माना जाता है। राज्यपाल ने वृक्ष संरक्षण को जीवन संरक्षण बताते हुए प्रत्येक नागरिक से वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया।
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