
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए सत्ता की ओर मजबूत कदम बढ़ाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया और केंद्रीय सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि चुनाव के दौरान तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। उन्होंने कहा कि उनके पास पहचान पत्र होने के बावजूद उन्हें काउंटिंग सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि CCTV कैमरे बंद कर दिए गए थे और उनके पार्टी एजेंटों को अंदर जाने से रोका गया।
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतगणना प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा किया गया और कई सीटों पर जीत स्पष्ट होने के बावजूद प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए। पार्टी का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे हार की निराशा बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जनता ने विकास और सुशासन के पक्ष में मतदान किया है, जिसके चलते उन्हें यह ऐतिहासिक जीत मिली है।
चुनाव परिणामों के बाद राज्य के कई हिस्सों में तनाव की स्थिति भी देखी गई। कुछ स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
इस चुनाव में भाजपा ने लगभग 200 सीटों पर बढ़त बनाते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 सीटों के भीतर सिमटती नजर आ रही है। यह परिणाम राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माने जा रहे हैं।
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