
आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ChatGPT जैसे AI प्लेटफॉर्म लोगों को जानकारी खोजने, उत्पादों की तुलना करने और ऑनलाइन खरीदारी के लिए सुझाव देने में मदद कर रहे हैं। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका खोज लिया है। हाल ही में ब्रिटेन में सामने आए एक मामले ने ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
स्कैम-डिटेक्शन सर्विस ‘आस्क सिल्वर’ की रिपोर्ट के अनुसार, साइबर ठगों ने कई प्रसिद्ध रिटेल ब्रांड्स की नकल करते हुए फर्जी वेबसाइट्स तैयार की थीं। जब उपयोगकर्ताओं ने ChatGPT से लोकप्रिय उत्पादों या ब्रांड्स के बारे में जानकारी मांगी, तो कुछ मामलों में इन नकली वेबसाइट्स के लिंक भी परिणामों में दिखाई दिए। इससे लोगों के फर्जी वेबसाइट्स पर पहुंचने और धोखाधड़ी का शिकार बनने का खतरा बढ़ गया।
यह नया स्कैम बेहद चालाकी से काम करता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति किसी प्रसिद्ध ब्रांड का बैग खरीदना चाहता है और ChatGPT से सुझाव मांगता है, तो AI उसे कई विकल्प और उनकी कीमतें दिखा सकता है। यदि उपयोगकर्ता बिना जांच-पड़ताल किए किसी लिंक पर क्लिक कर देता है, तो वह नकली वेबसाइट पर पहुंच सकता है। ये वेबसाइट्स असली ब्रांड जैसी दिखती हैं और भारी छूट का लालच देकर ग्राहकों को आकर्षित करती हैं। खरीदारी के दौरान वे ग्राहकों से बैंकिंग डिटेल्स, कार्ड नंबर और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश करती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की धोखाधड़ी के पीछे ‘AI Poisoning’ नामक तकनीक भी जिम्मेदार हो सकती है। इसमें स्कैमर्स इंटरनेट पर बड़ी मात्रा में नकली कंटेंट, फर्जी रिव्यू और क्लोन वेबसाइट्स अपलोड कर देते हैं। इससे AI मॉडल कभी-कभी इन भ्रामक स्रोतों को भी विश्वसनीय मान लेते हैं और उपयोगकर्ताओं को उनके लिंक दिखा सकते हैं।
ऑनलाइन खरीदारी करते समय कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। सबसे पहले किसी भी वेबसाइट के URL को ध्यान से जांचें। केवल आधिकारिक डोमेन नामों पर भरोसा करें। यदि URL में ‘official’, ‘sale’, ‘discount’ या अन्य संदिग्ध शब्द दिखाई दें, तो सतर्क हो जाएं। दूसरा, यदि किसी वेबसाइट पर 70% से 90% तक की भारी छूट दिखाई दे रही है, तो उसे संदेह की नजर से देखें क्योंकि यह ठगी का संकेत हो सकता है।
इसके अलावा, किसी भी AI टूल द्वारा दिखाई गई लिंक पर सीधे क्लिक करने के बजाय संबंधित ब्रांड का नाम स्वयं सर्च करें और उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। भुगतान करने से पहले वेबसाइट की सुरक्षा, ग्राहक समीक्षाएं और संपर्क जानकारी अवश्य जांचें। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सतर्कता ही इस प्रकार की ऑनलाइन ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
तकनीक जितनी तेजी से विकसित हो रही है, साइबर अपराधी भी उतनी ही तेजी से नए तरीके अपना रहे हैं। इसलिए इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को हर लिंक और ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।
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