
गुजरात सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान परिवहन योजना के तहत ‘सनेडो’ नाम से लोकप्रिय कृषि वाहन की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी में बड़ा इजाफा किया है। इस फैसले से राज्य के हजारों छोटे और मध्यम किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
कृषि मंत्री Jitu Vaghani ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले किसानों को इस योजना के तहत केवल 25 हजार रुपये की सहायता मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर सामान्य वर्ग के किसानों के लिए 60 हजार रुपये और महिला, छोटे, सीमांत तथा अनुसूचित जाति-जनजाति के किसानों के लिए 75 हजार रुपये तक कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार ‘सनेडो’ यानी “राइड ऑन सेल्फ प्रोपेल्ड मल्टीपर्पज टूल बार” का उपयोग खास तौर पर सौराष्ट्र क्षेत्र में खेती और कृषि उत्पादों के परिवहन के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। यह वाहन किसानों का समय और परिवहन खर्च दोनों बचाने में मददगार साबित हो रहा है।
नई व्यवस्था के तहत सामान्य किसानों को वाहन की कुल कीमत का 40 प्रतिशत या अधिकतम 60 हजार रुपये तक की सहायता मिलेगी। वहीं महिला किसानों, छोटे और सीमांत किसानों तथा एससी-एसटी वर्ग के किसानों को कुल लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 75 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।
सरकार ने योजना के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी तय की हैं। किसान इस सहायता का लाभ 7 साल में केवल एक बार ही ले सकेंगे। खरीदा गया वाहन भारत सरकार से मान्यता प्राप्त संस्था द्वारा टेस्टेड होना चाहिए और i-Khedut पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना जरूरी रहेगा। इसके अलावा वाहन का उपयोग केवल कृषि कार्य और कृषि उत्पादों के परिवहन के लिए ही किया जा सकेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वाहन खरीदने के बाद अगले दो वर्षों तक किसान उसे बेच नहीं सकेंगे और उसमें यात्री परिवहन के लिए किसी प्रकार का बदलाव भी नहीं किया जा सकेगा।
राज्य सरकार के इस फैसले का किसान संगठनों और किसानों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि इस योजना से किसानों का परिवहन खर्च कम होगा, कृषि उत्पाद समय पर बाजार तक पहुंच सकेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों के किसान आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनेंगे।
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