
देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित तथा नियंत्रण में है।
सरकार के अनुसार, भारतीय तेल कंपनियों ने पहले ही अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति का अनुबंध कर लिया है। इसके अलावा, भारत के पास कुल 74 दिनों की आरक्षित क्षमता मौजूद है, जबकि वर्तमान में लगभग 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। इस स्टॉक में कच्चा तेल, तैयार उत्पाद और रणनीतिक भंडारण (Strategic Reserves) भी शामिल हैं।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि देशभर में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप और रिटेल फ्यूल आउटलेट्स बिना किसी रुकावट के काम कर रहे हैं और ईंधन की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें।
पीआईबी की प्रेस रिलीज के अनुसार, भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है। भारत 150 से अधिक देशों को रिफाइंड ईंधन की आपूर्ति करता है, जिससे घरेलू स्तर पर ईंधन की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से मजबूत बनी रहती है।https://raftaarheadline.com/
एलपीजी की उपलब्धता को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में किसी प्रकार की कमी नहीं है। एलपीजी नियंत्रण आदेश के बाद घरेलू उत्पादन में 40% की वृद्धि हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 50 टीएमटी एलपीजी का उत्पादन हो रहा है, जो देश की कुल दैनिक आवश्यकता (80 टीएमटी) का 60% से अधिक है।
तेल कंपनियां रोजाना 50 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर की सफलतापूर्वक डिलीवरी कर रही हैं। हालांकि, अफवाहों के कारण एक समय मांग बढ़कर 89 लाख सिलेंडर तक पहुंच गई थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो चुकी है और मांग फिर से लगभग 50 लाख सिलेंडर प्रतिदिन पर आ गई है।
सरकार ने दोहराया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और नागरिकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।