
सूरत: जनवरी 2026 में सूरत के डिंडोली-डेलाडवा तालाब के पास लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची ‘हस्ती’ को आखिरकार एक नया परिवार मिल गया है। सूरत पुलिस की देखरेख में पली-बढ़ी इस मासूम बच्ची को मुंबई के मनीष कोटक और दित्ती कोटक दंपती ने कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गोद लिया है।
यह भावुक दत्तक ग्रहण समारोह सूरत जिला प्रशासन, समाज सुरक्षा विभाग और बाल संरक्षण गृह के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सूरत पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत, उनकी पत्नी संध्या गहलोत, जिला कलेक्टर तेजस परमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
करीब छह महीने पहले कड़ाके की ठंड में एक नवजात बच्ची को डिंडोली क्षेत्र में सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया था। सूचना मिलने पर डिंडोली पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित बचाकर उसकी देखभाल शुरू की। पुलिस परिवार ने बच्ची को प्यार से ‘हस्ती’ नाम दिया और उसकी परवरिश अपनी बेटी की तरह की।
दत्तक ग्रहण समारोह के दौरान पुलिस कमिश्नर की पत्नी संध्या गहलोत भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि ऐसा महसूस हो रहा है जैसे पुलिस परिवार अपनी बेटी का कन्यादान कर रहा हो। वहीं, मुंबई के कोटक दंपती ने कहा कि वे बच्ची का नाम ‘हस्ती’ ही रखेंगे और उसे अच्छी शिक्षा देकर भविष्य में एक सक्षम पुलिस अधिकारी बनाने का प्रयास करेंगे।
केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) की सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद हस्ती को उसके नए परिवार को सौंप दिया गया। इस अवसर पर मौजूद लोगों की आंखें खुशी और भावनाओं से नम हो गईं। हस्ती की यह कहानी मानवता, संवेदनशीलता और एक नई शुरुआत की प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।
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