
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब समुद्री मार्गों पर साफ दिखाई देने लगा है। दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट के आसपास लगातार खतरनाक घटनाएं सामने आ रही हैं। भारतीय मालवाहक जहाज ‘हाजी अली’ पर ड्रोन हमले और उसके डूबने के महज 24 घंटे के भीतर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक जहाज पर कब्जे की घटना ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, फुजैराह बंदरगाह से करीब 38 नॉटिकल मील दूर लंगर डाले एक जहाज पर कुछ अनधिकृत लोगों ने कब्जा कर लिया। एजेंसी ने बताया कि जहाज को अब ईरानी समुद्री क्षेत्र की ओर ले जाया जा रहा है। हालांकि, जहाज के नाम और उस पर मौजूद चालक दल की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इससे पहले बुधवार को गुजरात के सलाया पोर्ट में पंजीकृत भारतीय कार्गो जहाज ‘हाजी अली’ पर ओमान तट के पास संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ था। जहाज सोमालिया से शारजाह जा रहा था और उसमें मवेशी लदे हुए थे। तड़के करीब साढ़े तीन बजे हुए इस हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई और वह समुद्र में डूब गया।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कमर्शियल जहाजों और नागरिक नाविकों को लगातार निशाना बनाया जाना गंभीर चिंता का विषय है। राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी 14 भारतीय चालक दल के सदस्यों को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया।
इन घटनाओं के बीच चीन के जहाजों को लेकर भी नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने नए प्रोटोकॉल के तहत चीनी जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है। इसी दौरान चीनी सुपरटैंकर ‘युआन हुआ हू’ ने भी होर्मुज स्ट्रेट पार किया। माना जा रहा है कि चीन और ईरान के बीच बढ़ते सामरिक सहयोग का असर समुद्री गतिविधियों पर भी दिख रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। ऐसे में लगातार हो रहे हमले और जहाजों की जब्ती से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ईरान ने हाल ही में यह भी कहा है कि उसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के तहत उन जहाजों को जब्त करने का अधिकार है, जो उसके हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, वर्तमान घटनाओं की जिम्मेदारी अब तक किसी संगठन या देश ने आधिकारिक तौर पर नहीं ली है।
होर्मुज स्ट्रेट में तेजी से बढ़ते तनाव ने भारत समेत कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह संकट वैश्विक राजनीति, व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा असर डाल सकता है।
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