
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया गया है। इस फैसले का सीधा असर देश के लगभग 80 करोड़ राशन लाभार्थियों पर पड़ेगा। सरकार ने राशन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए ‘सार्थक-PDS’ योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना पर लगभग 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि सरकार राशन वितरण प्रणाली में तीन बड़े बदलाव करने जा रही है, जिससे लाभार्थियों और राशन डीलरों दोनों को फायदा होगा।
पहले बदलाव के तहत केंद्र सरकार अब राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। अभी तक राज्य सरकारों को भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदामों से अनाज को जिलों, ब्लॉकों और राशन दुकानों तक पहुंचाने में आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार इस प्रक्रिया में सहायता करेगी।
दूसरे बड़े बदलाव में राशन डीलरों के कमीशन में वृद्धि की जाएगी। लंबे समय से राशन डीलर अपने कमीशन में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। सरकार ने उनकी मांग स्वीकार करते हुए कमीशन बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे उनकी आय में सुधार होगा।
तीसरे बदलाव के तहत राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए नई तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। AI के माध्यम से लाभार्थियों का पंजीकरण किया जाएगा, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
इसके अलावा कैबिनेट बैठक में देश के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी और लू की स्थिति पर भी चर्चा की गई। सरकार ने नागरिकों को राहत और सुरक्षा देने के लिए स्वास्थ्य, जल संसाधन और अन्य विभागों के स्तर पर आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया।
ये भी पढ़ें: गुजरात के 12 जिलों में अगले 4 दिन गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी