
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार और ज्वेलरी इंडस्ट्री में हलचल मचा दी। हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों से अगले एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी, खासकर शादी-विवाह के लिए सोना खरीदने से बचने की अपील की। उनका कहना था कि इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री के इस बयान का असर तुरंत शेयर बाजार में देखने को मिला। ज्वेलरी सेक्टर की बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के करीब ₹35,000 करोड़ डूब गए। बाजार बंद होने तक टाइटन कंपनी के शेयर करीब 7 प्रतिशत टूट गए, जबकि कल्याण ज्वैलर्स में 9 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा सेंको गोल्ड, पीएन गाडगील और थंगामाइल जैसी कंपनियों के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच देश को विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आने वाले एक साल तक सोने की गैर-जरूरी खरीदारी टालें। साथ ही उन्होंने विदेशी यात्राओं को कम करने, ईंधन बचाने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ संस्कृति को फिर से अपनाने पर भी जोर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की इस अपील से आने वाले महीनों में ज्वेलरी की मांग पर असर पड़ सकता है। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में शामिल है और हर महीने औसतन 60 टन सोना आयात करता है। इससे देश के व्यापार संतुलन और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है।
ज्वेलरी कारोबार से जुड़े उद्योग संगठनों ने सरकार की इस अपील पर चिंता जताई है। सेंको गोल्ड के अधिकारियों का कहना है कि अगर सरकार ने आगे चलकर सोने पर आयात शुल्क बढ़ाया तो बाजार में बिक्री 10 से 12 प्रतिशत तक घट सकती है। उद्योग जगत ने यह भी सुझाव दिया है कि सरकार लोगों के घरों में पड़े हजारों टन सोने को बाजार में लाने के लिए नई योजनाएं शुरू करे।
इस बीच, ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं। कारोबारियों का कहना है कि अगर शादी के सीजन में भी लोग सोना खरीदने से बचेंगे, तो इससे लाखों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है।
प्रधानमंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सरकार आर्थिक चुनौतियों की जिम्मेदारी जनता पर डाल रही है। राहुल गांधी ने कहा कि लोगों को क्या खरीदना है और क्या नहीं खरीदना, यह बताना सरकार की आर्थिक विफलता को दर्शाता है।
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