
नेदरलैंड्स:
विश्व मंच पर शांति और स्थिरता का संदेश लेकर पांच देशों की अपनी महत्वपूर्ण विदेश यात्रा के अगले चरण में नेदरलैंड्स पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रवासियों द्वारा अभूतपूर्व स्वागत किया गया। दुनिया भर में ‘सिटी ऑफ पीस’ (शांति की नगरी) के रूप में विख्यात हेग शहर में पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों के एक विशाल जनसमूह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जहां एक तरफ बदलते समय में भी अडिग रहने वाले भारतीय संस्कारों की सराहना की, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण युद्धों को लेकर पूरी दुनिया को एक गंभीर वैश्विक चेतावनी भी जारी की।
वैश्विक संकट पर गहरी चिंता: “दशकों तक भारी पड़ेगी लापरवाही”
अपने संबोधन के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों, विशेषकर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे सैन्य टकरावों पर गहरी चिंता व्यक्त की। ‘सिटी ऑफ पीस’ की धरती से पूरी दुनिया को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि यह वर्तमान दशक पूरी मानव जाति के लिए संकटों और आपदाओं का काल साबित हो रहा है।
पीएम मोदी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “यदि वैश्विक स्तर पर युद्ध की मौजूदा परिस्थितियों को तुरंत नहीं सुधारा गया और शांति के प्रयास नहीं किए गए, तो इस लापरवाही का खामियाजा वैश्विक अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों को अगले कई दशकों तक भुगतना पड़ेगा।” भारत हमेशा से युद्ध के खिलाफ और संवाद व कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है और संकट की इस घड़ी में भी भारत हर संभव मानवीय और कूटनीतिक मदद के लिए तैयार है।
16 मई का ऐतिहासिक महत्व: याद आया 2014 का वह गौरवशाली दिन
भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 16 मई की तारीख का विशेष उल्लेख करते हुए इसे भारत के आधुनिक इतिहास का एक अत्यंत ऐतिहासिक मोड़ बताया। उन्होंने प्रवासियों को याद दिलाया कि ठीक 12 वर्ष पहले, यानी 16 मई 2014 को ही देश की ऐतिहासिक लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए थे, जिसने भारत के विकास की दिशा और दशा को हमेशा के लिए बदल दिया था। इस अवसर पर उन्होंने पूरे नेदरलैंड्स की जनता और वहां रह रहे भारतीयों को भारत के 140 करोड़ नागरिकों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई भी प्रेषित की।
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