
नई दिल्ली में गुरुवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें NEET पेपर लीक मामले को लेकर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे गए। बैठक में NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विपक्षी सांसदों ने परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों, जवाबदेही और दोबारा परीक्षा कराने के फैसले पर सवाल उठाए।
सूत्रों के अनुसार, NTA ने समिति के सामने साफ कहा कि वह अभी NEET परीक्षा को “पेपर लीक” नहीं मानती। एजेंसी का कहना था कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है और जब तक CBI अपनी जांच में आधिकारिक रूप से पेपर लीक की पुष्टि नहीं करती, तब तक NTA इसे लीक नहीं मानेगी।
इस जवाब पर विपक्षी सांसदों ने सवाल उठाया कि अगर पेपर लीक नहीं हुआ, तो परीक्षा दोबारा कराने की जरूरत क्यों पड़ी? इस पर NTA अधिकारियों ने जवाब दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियों की जानकारी सामने आई थी और छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान संसदीय समिति के अध्यक्ष Digvijaya Singh ने भी NTA अधिकारियों से कई सवाल पूछे। विपक्षी सांसदों ने यह जानने की कोशिश की कि परीक्षा प्रणाली में आखिर चूक किस स्तर पर हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
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सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ पक्ष के कुछ सांसद NTA के रुख का समर्थन करते दिखाई दिए। वहीं, विपक्ष के कुछ सांसदों ने मांग की कि CBI की जांच रिपोर्ट संसदीय समिति के सामने पेश की जाए। हालांकि, सत्ता पक्ष के सांसदों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि CBI एक स्वतंत्र एजेंसी है और उसे निष्पक्ष तरीके से अपना काम करने देना चाहिए।
बैठक में NTA ने यह भी बताया कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नए सुरक्षा उपायों पर काम किया जा रहा है। एजेंसी ने संकेत दिए कि आने वाले समय में NEET परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा, परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई सुझाव भी सामने आए। कुछ सांसदों ने हर राज्य के लिए अलग प्रश्नपत्र सेट तैयार करने और प्रश्नों के कई सेट बनाने का सुझाव दिया। वहीं, परीक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर, टेस्ट की अवधि और परीक्षा की आवृत्ति पर भी नए सिरे से विचार करने की बात कही गई।
सूत्रों के अनुसार, CBI अब तक इस मामले में कई गिरफ्तारियां कर चुकी है और जांच में बहु-राज्यीय नेटवर्क और कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है। एजेंसियां फिलहाल परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और फुलप्रूफ बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
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